गीत कविता को नवप्रवर्तन करते हुए तांग परंपरा विरासत में मिली, जिसमें सु शी, हुआंग टिंगजियन, लू यू और यांग वानली जैसे महान कवि शामिल थे, जिसने एक अनूठी गीत कविता शैली बनाई जो अपनी दार्शनिक गहराई के लिए जानी जाती है।
精神若還天,肉骨又還土。 上下都還了,此身元是主。 惟有一點雲,不散還不聚。 縱然却還來,未脫尋常母。 若更善修日,西方是吾祖。